यार हद हो गई। बिरले ही ऐसा वक़्त आया जब नौशाद इरशाद से बेहतर निकले। नहीं समझे इरशाद मतबल शुरुआत और नौशाद माने अगला पार्ट। कानपुर से निकली कहानी लंदन तक पहुंची और यकीन नहीं मानेंगे कि ये तो और जानलेवा हो गई भाई साब। लंदन में पतिदेव को पागलखाने पहुंचाकर पत्नी जी का दिल था कि माने ना, इंडिया आ गईं लेकिन चाहती थीं कि मनु जी पागलखाने से बाहर निकल आवें।

क्या कहानी लिखी है। हमें उम्मीद ना थी कि तनु वेड्स मनु में शादी के बाद भी ऐसी कोई कहानी आ सके है। लेकिन कसम उड़ान झल्ले की कहानी बस आई नहीं, आई तो शुरू से ही सबकी झंड कर दी। झंड तो समझते हैं ना। चलिये कोई नहीं कहानी को आपको समझने की कोई ज़रुरत नहीं है। जैसे ही फिलम शुरू होगी आपकी अपनी हो जाएगी। जो डायलॉग लिख दिया है ना वो बस लिख दिया है। बहुत हुआ सम्मान तुम्हारी मां का.... समझ गये ना, बस ऐसे ही है। शादी के बाद का प्रैक्टिकल प्रॉब्लम तो अलग है, जो गलतफहमी में या कहें नासमझी में दो कदम आगे निकल जाते हैं।

एक नया कैरेक्टर ऐड हुआ है चिंटू जी। और चिंटू जी को जो बैटमैन का सारा जलवा दिखा, उसके हाथ से खूनी मंगलसूत्र का उपन्यास भी गिर गया। और चिंटू जब इस रामायण के रावण से मिले तो उन्हें समझ में ना आया कि जो तनु की कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था और हां वो कंधा कैसे भूल सकते हैं जो रावल के झटकने पर डाक्टर आये और दोनों के झटकने पर ये आ गये। अरे भाई हमारे चिंटू जी। समझिये मतलब कहानीकार ने क्या पिरोया है और कहानी का नाम हम इसलिए नहीं बता रहे कि थोड़ी ज़हमत आप भी उठाइए, अरे बड़ी मेहनत से फिल्म बनाई है भाई।

यहां तक तो थोड़ा कहानी को जोड़ा जा रहा था। असल कहानी तो अब शुरू हुई जी दिल्ली से। और वो दिख गई डाक्टर साहब को दौड़ते हुए और बस झटका भी डाक्टर के हिस्से में। वो हरियाणवी बोलने वाली तनु की इंजरी तो बाहर हुई, डाक्टर साहब तो बाहर से घायल हो गये।

यो जो हरियाणवी में तनु मिली गजब हो गया। अरे क्या गजब हरियाणवी बोली छोरी। ये जो अपनी के नाम से? कंगना से ना सही बोले तो, क्या कमाल किया है ये छोरी ने। दिल्ली का शूट तो मतलब इस फिलम की जान बन गया। और लो चली गई कुसुम रोती हुई, ना कोई रिस्ता ना हो सके है, या ते भाई या कम्पटिसन और शर्मा जी ने लगा एक और झटका। हरियाणवी सख़्त आंखें भी बह गईं और यही कहानी है। आगे ख़ुद देख लेना।


कहानी में दम है। एक्टिंग में तो इन दो की जगह आप किसी और को सोच भी ना सके हैं। चिंटू भाई साब भी नई एंट्री के तौर पर बिल्कुल फिट बैठते हैं। ठेठ और असरदार। जिमी ना हो तो मतलब ये बस ना सही ठिकाने ना पहुंचे। जो ना देखा तो भूल कर दी। हमने देखने में थोड़ी देरी की भूल करी, आप ना करियो। देख लो, मजो में रहेगो।

संगीत पर मत जाना आशिकी कहानी से कर लो, एक्टिंग से कर लो और सबसे ज़्यादा तनु से कर लो उससे भी ना हो तो कुसुम से तो हो ही जाना है। शर्मा जी तो अपनी सादगी की वही मिसाल छोड़ेंगे और तनु से आपको मोहल्ले की बैटमैन वाला मिज़ाज महसूस हो जाएगा। बस जी पैसा वसूल हो गया।
Sone Time You Realize That She Looks  Like Another Actor In Her Double Role

निवेदन

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